हर खुशी का पल है माँ
हर दर्द की दवा है माँ
हर जिद की कोशिश माँ है
हर सपनों की उड़ान भी है माँ।
बचपन में माँ का दुलार आप हो
माँ की आँगन की खुशियाँ आप हो
जवानी में माँ के लाडले हो आप
माँ के दिल की धड़कन भी आप हो।
आपकी पढ़ाई, नौकरी के लिए
माँ सब कुछ त्यागती है
और सबसे झगड़ के भी वो
आपको विदेश भेजती है।
इस में उसकी क्या गलती है
वो आज भी आपका इंतज़ार करती है
बरसों से बहू, पोते को देखने की
आरजूं जो रखती है।
आप नहीं आवोगे
उसे पता है मगर
आप ही से उम्मीद लगाये रखती है
क्योंकि माँ तो आखिर माँ होती है।
फिर भी माँ तो आखिर माँ ही होती है l
-सुनिल जगदाळे
हर दर्द की दवा है माँ
हर जिद की कोशिश माँ है
हर सपनों की उड़ान भी है माँ।
बचपन में माँ का दुलार आप हो
माँ की आँगन की खुशियाँ आप हो
जवानी में माँ के लाडले हो आप
माँ के दिल की धड़कन भी आप हो।
आपकी पढ़ाई, नौकरी के लिए
माँ सब कुछ त्यागती है
और सबसे झगड़ के भी वो
आपको विदेश भेजती है।
इस में उसकी क्या गलती है
वो आज भी आपका इंतज़ार करती है
बरसों से बहू, पोते को देखने की
आरजूं जो रखती है।
आप नहीं आवोगे
उसे पता है मगर
आप ही से उम्मीद लगाये रखती है
क्योंकि माँ तो आखिर माँ होती है।
फिर भी माँ तो आखिर माँ ही होती है l
-सुनिल जगदाळे
